लूणदा : ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, पानी और सड़कें आमजन के जीवन से सीधे जुड़ी हुई मूलभूत सुविधाएं हैं। इन सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन और समय पर समस्याओं का समाधान क्षेत्र के समग्र विकास के लिए बेहद आवश्यक है। जब तक ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं होंगी, तब तक विकास की गति को अपेक्षित रफ्तार नहीं मिल पाएगी। क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इन समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करना जरूरी है, ताकि ग्रामीण भी कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकें।
थ्री फेज बिजली की सुविधा से वंचित लूणदा कस्बा
लूणदा कस्बे में थ्री फेज विद्युत आपूर्ति की अलग लाइन नहीं होने से
व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार में बाधा है। कस्बे में थ्री फेज बिजली की
पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण लघु उद्योग स्थापित नहीं हो पा रहे हैं।
इससे न केवल स्थानीय व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर विकसित
होने की संभावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। कस्बे के बाहर से थ्री फेज विद्युत लाइन गुजर
रही है, लेकिन यह लाइन कृषि
कनेक्शनों से जुड़ी होने के कारण निर्धारित समय पर ही बिजली उपलब्ध हो पाती है।
ऐसे में पूरे दिन नियमित विद्युत आपूर्ति की आवश्यकता वाले व्यावसायिक कार्य करना
कस्बेवासियों के लिए मुश्किल हो जाता है। यदि कस्बे में कृषि कनेक्शनों से अलग
स्वतंत्र थ्री फेज विद्युत लाइन उपलब्ध कराई जाए, तो व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ही छोटे
उद्योगों की स्थापना का रास्ता भी खुल सकता है।
थ्री फेज बिजली की कमी से जलापूर्ति भी प्रभावित
थ्री फेज विद्युत लाइन का अलग से प्रबंध नहीं होने का असर केवल व्यापार और उद्योगों पर ही नहीं, बल्कि कस्बे की पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। वर्तमान में विद्युत आपूर्ति का समय निर्धारित नहीं होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार समय पर बिजली उपलब्ध नहीं होने से पानी की आपूर्ति भी निर्धारित समय पर नहीं हो पाती, जिससे आमजन को परेशानी उठानी पड़ती है। पेयजल जैसी आवश्यक सुविधा के लिए बिजली की नियमित उपलब्धता बेहद जरूरी है। ऐसे में थ्री फेज विद्युत लाइन की समस्या का समाधान होने से जलापूर्ति व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। इससे कस्बेवासियों को समय पर पानी उपलब्ध कराने और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत होगी।
चार वर्ष पहले स्वीकृत हुआ था कार्य, फिर भी सुविधा का इंतजार
इस समस्या को लेकर करीब चार वर्ष पूर्व मांग उठाई थी। उस समय इस कार्य को स्वीकृति मिलने के साथ ही काम भी शुरू किया गया था, लेकिन कुछ समय बाद कार्य बंद हो गया। इसके बाद से आज तक कस्बेवासियों को कृषि कनेक्शनों से अलग थ्री फेज विद्युत आपूर्ति की सुविधा नहीं मिल पाई है। आखिर कब तक कस्बे के लोगों को इस बुनियादी सुविधा के लिए इंतजार करना पड़ेगा? संबंधित विभाग को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए अधूरे कार्य को पूरा कराना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों को उम्मीद, कब पूरी होगी मांग?
लूणदा कस्बे के विकास के लिए बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना आवश्यक है। थ्री फेज बिजली
की स्वतंत्र लाइन उपलब्ध होने से जहां स्थानीय व्यापार को गति मिल सकती है,
वहीं लघु उद्योगों की स्थापना और रोजगार के
अवसर बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। इसके साथ ही पेयजल व्यवस्था में सुधार
होने से आमजन को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिल सकती है।




