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बरसों से पक्की सड़क का इंतजार - दो पाटों में उलझ रही सड़क

6 करोड़ की सड़क 6 माह भी नहीं चली, बरसात के दिनों में समस्या-

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Yuvraj Pachori

Journalist

July 4, 2026

3 min read

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बरसों से पक्की सड़क का इंतजार - दो पाटों में उलझ रही सड़क
लूणदा। आज भी कई ग्रामीण इलाके ऐसे हैं जहां के लोगों को पक्की सड़क का बेसब्री से इंतजार है। ग्रामीण सुगम और सुरक्षित सड़क चाहते हैं, पर उनके चाहने भर से काम नहीं बन रहा। ऐसा ही हाल इन दिनों भावपुरा रोड का है। निकटवर्ती ग्राम पंचायत अमरपुरा जागीर में अमरपुरा चैराहे से लेकर मनावत फला कालीभींत तक लगभग 8 किलोमीटर लम्बी यह सड़क दरअसल वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में वल्लभनगर के तत्कालीन विधायक रणधीर सिंह भीण्डर की अनुशंसा पर इस सड़क का टेंडर कराया गया और निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री व निर्माण के कारण दस दिन के भीतर ही डामर उखड़ गया। ग्रामीणों ने खराब निर्माण के खिलाफ आवाज उठाई तो ठेकेदार ने रिपेयरिंग कर के केवल खानापूर्ति का पैचवर्क कर दिया, जो ग्रामीणों को संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई गईं, पर स्थायी समाधान नहीं निकला। इसके बाद वर्ष 2023 में धरियावद के तत्कालीन विधायक नगराज मीणा की सिफारिश पर लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से सड़क के पुनः डामरीकरण के लिए स्वीकृति जारी की गई और स्थानीय लोगों को आश्वासन मिला कि उन्हें पक्की सड़क मिलेगी। परंतु काम धीमी गति से शुरू हुआ और ढाई साल गुजर जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रारंभिक डामरीकरण हुआ, पर कार्य बहुत ही घटिया तरह से किया गया और तीन माह भी नहीं बीते थे कि डामर उखड़ गया। आज सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और कई हिस्से पूरी तरह उखड़ चुके हैं।  

बरसात के दिनों में समस्या-  बरसात के दिनों में भारी वाहनों के पहिए गड्ढों में फंस जाते हैं और आवागमन जोखिमपूर्ण हो जाता है। छोटे-छोटे वाहन भी मुश्किल से निकल पाते हैं और ग्रामीणों को लगातार धूल-गुबार का सामना करना पड़ रहा  है। उल्लेखनीय है कि ढाई साल से चल रहे काम में अभी भी छोटी डामर बिछाने का कार्य शेष है। इसके पहले ही सड़क का यह दयनीय हाल हो चुका है। 

दो पाटों में उलझी जिम्मेदारी- यह सड़क वल्लभनगर विधानसभा के अमरपुरा चौराहे से होते हुए भावपुरा-विरियां होते हुए लसाडिया तक जाती है। अमरपुरा से विरिया तक का हिस्सा वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में आता है जबकि सड़क का आगे का हिस्सा सार्वजनिक निर्माण विभाग की उपखण्ड लसाडिया तहसील के क्षेत्र में आता है। दोनों प्रशासनिक इकाइयों के बीच यह मार्ग सीमा रेखा पर होने के कारण जिम्मेदार निकायों में तालमेल नहीं बन पा रहा है। परिणामस्वरूप अमरपुरा जागीर से विरिया तक के मार्ग का रखरखाव व मरम्मत सही ढंग से नहीं हो पा रही है और ग्रामीण ठोकरें खाते रहते हैं। यह मार्ग अमरपुरा चैराहे से विरिया तक लगभग 5 किमी है, आगे का मार्ग लसाडिया होते हुए सीधे सलूम्बर जिला मुख्यालय  से जुड़ता है। दो पाटों की इस उलझन के कारण करीब 15 किमी तक का मार्ग ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा और असुविधाजनक बना हुआ है। लोग रोजमर्रा की आवागमन की समस्याओं, स्कूल जाने वाले बच्चों की परेशानी के साथ ही सलूम्बर से बडीसादडी  की आवाजाही में बाधा हो रही है। आपातकालीन सेवाओं आदि की पहुँच भी बाधित होने भी भारी समस्या का सामना करना पड रहा है।

भावपुरा-विरियां एवं फतपुरा सहित आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के मजबूत और टिकाऊ डामरीकरण होना चाहिए एंव  निर्माण गुणवत्ता की जाँच व दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी होनी चाहिए साथ ही दोनों प्रशासनिक स्तरों  वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र और लसाडिया तहसील के बीच समन्वय स्थापित कर स्पष्ट जिम्मेदारी तय कि जाये ताकि ग्रामीणों को इससे राहत मिल सके । 
 
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